मदर्स डे- महिलाओं की रचनात्मकता का उत्सव

मदर्स डे- महिलाओं की रचनात्मकता का उत्सव

जूली जयश्री

बदलाव और वुमनिया  के संयुक्त प्रयास से गाजियाबाद के वैशाली में महिलाओं के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। ये आयोजन विशेष तौर पर होम मेकर्स के लिए रखा गया था। इस कार्यक्रम का मकसद था कि कैसे घर में रहने वाली महिलाएं भी खाली समय का उपयोग कर अपने हुनर को निखार सकती हैं। उससे आर्थिक रूप से खुद को मजबूत कर सकती हैं। मदर्स डे के मौके पर आयोजित ये कार्यक्रम महिलाओं की रचनात्मकता का उत्सव था।

लगभग दो घंटे तक चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक बातचीत से हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में badalav.com की तरफ से womeniaworld.com की संपादक प्रतिभा ज्योति का स्वागत किया गया। बदलाव और वुमनिया ने इस वर्कशॉप का आयोजन सामाजिक बदलाव की दिशा में एक सार्थक हस्तक्षेप के मकसद से किया। शुरुआती परिचय सत्र के बाद मंच प्रतिभा ज्योति और संयोगिता कंठ के हवाले कर दिया गया।

इसके बाद प्रतिभा ज्योति जी ने विस्तार पूर्वक बताया कि किस तरह वुमनिया महिलाओं के छोटे-छोटे प्रयास के लिए बड़ा प्लेटफार्म बन गया। प्रतिभा जी की बातों ने तो महिलाओं के ऊपर जादू सा असर कर दिया। उनकी बातों से ऐसा लगा मानो जैसे कोई आपकी पर्सनल डायरी के पन्ने पलट रहा हो। वो संवाद, ख्वाब, कला और अनुभव अब तक जिसे हमने अपनी डायरी या घर की चाहरदीवारी में समेट कर रखा था, अब पंख लगाकर उड़ जाने को लालायित होने लगे।

महिलाओं के बीच संवाद से लगा कि आत्मनिर्भरता और पहचान की चाहत कहीं न कहीं हर किसी के मन में रहती है, लेकिन इसे कब, कहां और कैसे पूरा किया जाए ऐसा मौका आसानी से नहीं मिलता। वुमनिया ऐसी ही तमाम बेनाम हुनरमंद महिलाओं का स्वागत करती है। इस वर्कशॉप में एक तरफ जहां प्रतिभाजी ने सबको अपने समय और कला का सदुपयोग कर स्वावलंबी बनने के लिए प्रोत्साहित किया, वहीं ग्राफिक्स डिजाइनर संयोगिता कंठ ने सभी को सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपना अर्थतंत्र विकसित करने के साथ ही सार्वजनिक मंच पर पहचान बनाने का तरीका भी बताया।

इस वर्कशॉप में अनिता श्रोत्रिय, अभया श्रीवास्तव, सर्बानी शर्मा, रमा डे, जूली जयश्री, डॉक्टर प्रियंका, अर्चना सिन्हा, अनुपम कुमारी, लतिका और पूनम ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाली महिलाओं का उत्साह देखकर, कार्यक्रम की सार्थकता और सफलता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता था।


जूली जयश्री। मधुबनी की निवासी जूली इन दिनों ग़ाज़ियाबाद के वसुंधरा में रहती हैं। आपने ललित नारायण मिश्रा यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है। पत्रकारिता का उच्च अध्ययन उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से लिया है। कई मीडिया संस्थानों में नौकरी के बाद अब वो बतौर फ्रीलांसर काम कर रही हैं।

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