बड़ों की कविताएं-छंद, बच्चों के किस्से चंद

बड़ों की कविताएं-छंद, बच्चों के किस्से चंद

बदलाव प्रतिनिधि, ग़ाज़ियाबाद

रविवार, 25 जून ,2017 को वैशाली, गाजियाबाद के सेंट्रल पार्क में “पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” तैतीसवीं साहित्यिक गोष्ठी संपन्न हुई। उमस और बदली से घिरे अासाढ़ी मौसम में पार्क की घनी हरियाली में अनुभूतियों और संवेदनाओं के पलों का यहां मौजूद लोगों ने साक्षात्कार किया।  रचनाओं के माध्यम से जेठ और आसाढ़ की घनी सामाजिक आध्यात्मिक विषयों को स्पर्श किया गया। प्रमुख कवियों में गीतकार जगदीश पंकज , कवि डॉ ईश्वर सिंह तेवतिया , अमर आनंद , डॉ वरुण कुमार तिवारी , अवधेश सिंह , मनोज द्विवेदी ,सत्य सनातन , कृष्ण मोहन उपाध्याय रहे।

“ अपनों को ही पाती लिखकर , खुद ही बैठे बाँच रहे हैं ।
अपने अपने रंग मंच पर , कठ पुतली से नाच रहे हैं ॥ ” – जगदीश पंकज

“क्यों बगिया में खामोशी है , क्यों नदिया का जल ठहरा है ।
चिड़ियों का चह चहाना चुप है,किस ने लगा दिया पहरा है ॥“ – डॉ ईश्वर सिंह तेवतिया
“कुछ इस कदर हम पड़े हुए हैं / सवालों की तरह खड़े हुए है / मेरे नक्स पर जख्म के अक्स देखना / बेरहम जमाने से हम बहुत लड़े हुए है “– अमर आनंद

” प्रिय तुम ,/ स्मृतियों की शीतलता / टांक दो मेरी कमीज पर / ऊपर से तीसरी बटन की जगह / ताकि यह हृदय के ऊपर ही रहे /इस जून की कड़ी दुपहरी में “- अवधेश सिंह

“ जो थोड़ी सी बरसात हुई है / मेरे घर के पास हुई है “ – के एम उपाध्याय

इस अवसर पर बदलाव बाल क्लब के बच्चों ने कविता, कहानी व यात्रा वृतांत का वाचन किया तथा कहानियों की नाटकीय प्रस्तुति भी की। प्रतिभागी बच्चों में आदित्य, लाखी नागर, आयुष, खुशी, रिया, रिद्धिमा , गौरिका ,प्रांशुल प्रमुख रहे। उपस्थित प्रबुद्ध श्रोताओं में सर्व श्री कपिल देव नागर, संदीप शर्मा , रेखा शर्मा , रंजीत कुमार , बृजेन्द्र सिंह कुशवाहा , ठाकुर प्रसाद चौबे , सीएम झा , रामकृष्ण शर्मा, श्रीमती अनीता सिंह और शोभिता सिंह ने काव्य पाठ का आनंद लिया और रचनाकारों का उत्साहवर्धन किया।

गाजियाबाद, वैशाली में बच्चों की ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में 6 जून से 18 जून 2017 तक ‘आओ पढ़ें, सुनें और सुनाएं किस्से’ कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस कार्यशाला में करीब 25 बच्चों ने शिरकत की। इस दौरान बच्चों ने कहानी, गीत, कविता, कहानी मंचन, कहानी चित्रण समेत तमाम गतिविधियों में हिस्सा लिया। बदलाव बाल क्लब के बच्चों ने पेड़ों की छांव तले रचना पाठ कार्यक्रम में शिरकत की और कार्यशाला में जो कुछ सीखा था, इसका प्रदर्शन किया। बदलाव बाल क्लब, बच्चों का एक अनौपचारिक संगठन है। मकसद बच्चों के साथ एक सकारात्मक और रचनात्मक संवाद स्थापित करना है। कोशिश ये है कि इस बाल क्लब में बच्चे केंद्रीय भूमिका में रहें और उनके अभिभावक या संगठनकर्ता सहायक की भूमिका में।

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