बांदा के बंदों की सेहत का ‘रखवाला’ कौन?

आशीष सागर दीक्षित बेदम सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से कराह रहा है बुंदेलखंड का पूरा क्षेत्र। बिना फार्मेसिस्ट के चल रहे मेडिकल

और पढ़ें >

वैष्णव जन तो तैणें कहिए… जे पीर पराई जाने रे

आज गांधी का जन्मदिन है। सत्य और अहिंसा का सबक याद करने का दिन। अहिंसा की डगर कठिन है और

और पढ़ें >

जब राइन से मिलने जर्मनी पहुंची गंगा!

सत्येंद्र कुमार गंगा को हम सब मां, जीवनदायिनी,  मोक्षदायिनी और कई नामों से पुकारते हैं। गंगा जल के बिना हिंदुओं

और पढ़ें >

‘बंजर जमीन’ पर उम्मीद की एक बूंद!

एपी यादव की रिपोर्ट भादो का महीना अपनी ढलान पर है, किसान आसमान में टकटकी लगाए बैठा है, धरती फटती

और पढ़ें >

हर ‘डंडे’ पर ‘सॉरी’ कहना कहां मुमकिन है?

चंदन शर्मा   आदरणीय मोदी जी, ट्वीटर पर सॉरी बोल देने से सब कुछ खत्‍म नहीं हो जाता। चंडीगढ़ में जो

और पढ़ें >

50 साल से परमाणु रेडिएशन की जद में है नंदा देवी !

पुरुषोत्तम असनोड़ा नंदा देवी में परमाणु डिवाइस के विकिरण से सलामत नहीं हैं पर्वत श्रेणियां। ऑपरेशन ब्लू माउंटेन के तहत

और पढ़ें >

कोसी तो मोदी के ‘मौन’ पर सवाल करती है!

प्रधानमंत्री के हालिया बिहार दौरे को 10 दिन से ज़्यादा वक़्त गुजर गया है। इस दौरान मोदीजी के भारी भरकम

और पढ़ें >

सेहमलपुर की ‘सेहत’… फ़ाइलों में बेहतर है!

जौनपुर के सेहमलपुर गांव से एपी यादव की रिपोर्ट। सई और गोमती नदी के दोआब पर बसा है, मेरा प्यारा

और पढ़ें >

नटुआ… ‘सरकारी नाच’ पर मत करिहो सवाल

संस्‍कृति समाज का निर्माण करती है और कलाएं संस्‍कृति व समाज का संरक्षण। इसे ताक पर रख कर कोई भी

और पढ़ें >