मनुष्य सज़ा से नहीं प्रेम से बदलते हैं…. और हमारी दुनिया भी!

हमारे प्रेम से रिश्ते इतने जर्जर हो गए हैं कि थोड़ा-सा धक्का लगते ही टूट जाते हैं. बदलने के लिए

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शहादत दिवस पर आजादी के नायकों को नमन

ब्रह्मानंद ठाकुर क्रांति का मतलब है अन्याय और शोषण पर टिकी शासन व्यवस्था की जगह किसान-मजदूरों का राज स्थापित करना।23

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सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की जिंदगी ‘आसान’ बना रहे हैं अर्पित

वीके गुप्ता सोशल मीडिया आज एक ऐसा प्लेट फॉर्म है जहां आप अपने हुनर के मुताबिक अपनी अलग पहचान बना

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जीते जी हाल पूछोगे… प्यार करोगे… तो अफसोस न रहेगा!

दयाशंकर मिश्र आभार या खेद के फूल! हम जीवन के प्रति अपने चुनाव में इतने अस्पष्ट और द्वंद्व से भरे

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जीवन संवाद- प्रेम या नफरत ‘बदला’ छोड़ो, सुख मिलेगा

दयाशंकर मिश्र बदला किसी भी रूप में सुखकारी नहीं, बात केवल हिंसा की नहीं. प्रेम में बदले की कामना हिंसा

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मीडिया के दिग्गज देख लें आंदोलनों का ‘देस-गांव’

प्रिय दर्शन हिंदी पत्रकारिता में पिछले कुछ वर्षों में छिछलापन लगातार बढ़ा है। अब न वैसे बौद्धिक संपादक बचे हैं

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पूर्णिया में मीडिया कार्यशाला की ‘सोपान कथा’

पुष्य मित्र जब से मैने पूर्णिया के मीडिया कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप शामिल होने के लिये सोपान भाई से

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